पीरियड , वास्तव में महीने-दर- महीने होने वाला दर्द का प्याला है,इसमेंबार-बार मरोड़ उठते और बेहद होने वाले मूड में बदलाव भी होताहै। कल्पना करें, कि अगर पीरियड एक व्यक्ति होते तो, जिनके बार-बार और लगातार आते रहने से आपको कितनी तकलीफ होती फिरक्या होता !

अगर पीरियड एक व्यक्ति होते तो क्या क्या होता !

मैं आ रहा हूँ ! मैं आ रहा हूँ ! “ अतिथि घर मत आओ “

श्रीमान पीरियड जी , किसी भी महिला की निजी जिंदगी में दख़ल देने वाले एक बिन बुलाएमेहमानकी तरह होता है। जी हाँ,‘प्यारे पीरियड तुम बुलाये गएमेहमान नहीं हो’ हर 28 दिन बाद जब आपकी उम्मीद की जाती है, तब तो आप आते नहीं हो और जब कोई उम्मीद नहीं होती है तब आ जाते हो, ऐसे ही हैं श्रीमान बिन बुलाये !

तो श्रीमान पीरियड – आपके पास केवल एक ही काम है, तो उसे तो ठीक तरह से किया करो। भगवान के लिए, अचानक आ -आकर हमें घबरायान करें!

नहीं,मुझे ऐसे तीन दर्दबिलकुल नहीं चाहिए!

क्या आप लोग उस समय के बारे में सोच सकते हैं जब आप अपने प्रिय साथी के साथ प्यार से आलिंगनबद्ध होते हैं तब अचानक से कोई दरवाजा खटखटाता है, पेट के दर्द के कारण पकड़ता हुआ चिल्लाता है और लो वो आ गया! ओह? मुझे तुम्हें कितनी बार याद दिलाने की जरूरत है कि श्रीमान पीरियड, मुझे परेशान करना बंद करो ! मुझे यह तीन दर्द नहीं चाहिए ! लेकिन ये तो बिल्कुल सुनते ही नहीं हैं। इसी सोच के कारण आपकी प्यार भरी जिंदगी को कोई बर्बाद कर देता है !

पीरियड , एक भूत ( जब यह समय पर नहीं आता और देर करता है )

महीने का यह वह समय होता है जब आप शिद्दत से चाहते हैं कि पीरियड आपके दरवाजे पर दस्तक दे। लेकिन,आपकी वैजाइना की हर हरकत उस समय एक झूठी खबर ही साबित होती है। आप अपनी छुट्टियों मानना चाहती हैं, या किसी पूल पार्टी का मज़ा लेना चाहती हैं या फिर कुछ और करना चाहती हैं, लेकिन आप ऐसा नहीं कर पाती हैं ! ना…. (उफ़्फ़ – कितना बुरा लगता है )। खासकर उस समय जब आप बिना किसी सुरक्षा के शारीरिक सम्बन्ध बनती हैं और आपके पीरियड समय पर आने की कोई निशानी नहीं देते हैं और देर से आते हैं! खैर…. श्रीमान पीरियड , क्या तुम मुझे डराना बंद करके मुझे मेरी जिंदगी के मज़े लेने दोगे!

श्रीमान पीरियड, जब इनके आने में देर होती है अब यह एक भूत की तरह ही लगते हैं । मैं फिर से दोहरा रही हूँ…”तुम्हारे पास केवल यही एक काम है! मेहेरबानी सेइसे तो ठीक से करो “

यह ठीक नहीं हुआ , वह गलत हो गया ! ( मूड में होने वाले बदलाव का स्वागत करें)

*बहुत ही अधिक बुरा लगता  है *

इसके आने की सूचना हमारे लिए एक चेतावनी जैसी होती है जिसे हम पीएमएस कहते हैं। प्री-मेंसुरेशन सिंड्रोम (pre-menstrual syndrome) ! मेरा विश्वास करें,जब कुछ चीज़ हुई ही नहीं है उसे सम्हालना ज्यादा मुश्किल होता है। जी हाँ,हम हर समय इसके कारण चिडचिडे रहते हैं! उसेख़राब करने के लिए इसे ख़राब करदो, हम सभी औरतों के मन में जैसे एक आग जैसी लगी होती है,खासकर उस समय जब डाइटिंग कर रहे होते हैं तब तो और भी कठिन होता है क्योंकि उस समय तो आपको सब तरह का मीठाखाने की इच्छा होती है जो आपने ख्वाब में सोचा होता है और यह इच्छा वक्त के साथ-साथ बढ़ती ही जाती है।

श्रीमान पीरियड, तुम एक अत्याचारी के रूप में महिलाओं को हर महीने आकर तंग करते हो ।

खैर, यह पीरियड था जो एक व्यक्ति के रूप में हर महीने में अलग-अलग समय पर आकर आपके दरवाजे पर दस्तक देता है। हो सकता है उस समय आप सो रही हों, प्यार कर रही हों या फिर किसी महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त हों। श्रीमान पीरियड तो बिल्कुल एक कठोर हृदय प्राणी जैसा है जिसके पास दया जैसी कोई भावना नहीं होती है ! तब इस अत्याचारी से निपटने के लिए हमारे पास कुछ हथियार हैं! टेम्पॉन, दर्द निवारक दवाएं , मेंसूरेशन कप आदि न जाने और कितनी चीजें आप सिरोना में देख सकती हैं।

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